राजस्थान के चकसु खंड, जिला जयपुर के राडोली गांव में मेरा कुआं तालाब के पास में ही है. कुएं की गहराई करीब 90 फ़ीट है. जब उसका निर्माण करवाया था तो ये सोचा था कि कुएं के रहने से पानी की मात्रा अच्छी हो जायेगी. लेकिन जितना पानी उम्मीद की थी, खुदाई के बाद उतना मिला नहीं.

हमारे परिवार के सभी लोग खेती का काम करते हैं. इसलिए पानी की ज़रुरत को हम बहुत अच्छी तरह से समझते हैं. गांव के लगभग सभी परिवार हमारे जैसे ही हैं. हम सब गांव वासियों ने मिलकर संस्था के कार्यकर्ताओं के पास राडोली तालाब की खुदाई करने का प्रस्ताव रखा.

संस्था के लोगों ने बताया कि तालाब की खुदाई का काम कोका-कोला फाउंडेशन की मदद से किया जाएगा. फरवरी 2013 में हमारे तालाब की खुदाई का काम शुरू हुआ और चार महीने बाद वो काम पूरा कर लिया गया. उतने समय में खुदाई का काम और पक्का निर्माण दोनों का काम पूरा हो गया.

तालाब की खुदाई और ओवरफ्लो बनने से हमारे जीवन में मानो एक नयी रोशनी सी पैदा हो गयी.

पिछले साल इतनी बारिश होने के बाद भी हमारे घर के पास के कुएं में पानी करीब 15-20 फ़ीट ही बढ़ पाया. लेकिन इस साल बारिश के मौसम के ख़त्म होने के पहले ही इस कुएं में 40-50 फ़ीट पानी आ गया है.

पिछले साल ओवरफ्लो और पाल मज़बूत नहीं था जिसकी वजह से तालाब का पानी बहकर दूसरे गांव में चला गया. लेकिन इस साल तालाब की खुदाई और पाल मज़बूत होने का सीधा फायदा हमारे कुओं और हैंडपंप को मिला क्योंकि उनका जल स्तर काफी ऊपर हो गया.

मैं और हमारा परिवार तालाब की खुदाई और ओवरफ्लो बनाने के सदा आभारी रहेंगे क्योंकि इस साल 20 बीघा गेहूं की अधिक पैदावार होगी और 30 बीघा सरसों आराम से हो जाएगा. इससे हमारे सालाना आय में करीब 50 फीसदी की वृद्धि होने की उम्मीद है.